पेंड्रा – आपको बता दें सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेंड्रारोड तहसील अंतर्गत एक पटवारी जो किसी और हल्के में पदस्थ है उसके द्वारा दूसरे पटवारी के हल्के की भूमि का चौहद्दी बैक डेट में बना दिया जाता है वहीं सब रजिस्ट्रार साहब भी आंख मूंद कर रजिस्ट्री भी करते गए
वो भी एक दो नहीं 10 से ज्यादा रजिस्ट्री और मजे की बात तो यह है कि जो जमीनें खरीदी बिक्री की जा रही उनमें विक्रेताओं का कभी कब्जा ही नहीं था लेकिन फिर भी पटवारी साहब को लक्ष्मी कृपा प्राप्त होते ही उनके द्वारा बिना कुछ सोचे समझे जमीन की चौहद्दी आंख बंद करके बना दिया गया जबकि इस पूरे मामले में अन्य राज्यों के कुछ व्यक्तियों के नाम पर पहले जमीनें की जा रही है जिसमें अन्य राज्य से आए हुए एक कुख्यात भू माफिया द्वारा जमीन का आम मुख्तियार नामा पहले ही अपने नाम पर कराकर अधिकारियों से सांठ गांठ करके पहले जमीन अपने लोगो के नाम करवाया गया फिर जल्दीबाजी में जमीन की बिक्री गौरेला के ही एक भू माफिया को कर दी गई जो कि बेनामी संपत्ति के रूप में संबंधित भू माफिया द्वारा अन्य लोगों के नाम से लिया गया है अब इस पूरे मामले के सामने आने से एक बात तो स्पष्ट हो रहा कि इस पूरे मामले की अगर बारीकी से जांच हुई तो कई बड़े खुलासे होने की संभावना है जिसमें इस पूरे मामले में पटवारी सब रजिस्ट्रार सहित और भी कई अधिकारियों की स्पष्ट भूमिका देखने को मिल सकती है मामले का दस्तावेजों के साथ खुलासा जल्द ही शिकायतकर्ता के द्वारा किया जाएगा
