बिलासपुर – आधार,लोक सेवा केंद्र संचालक अरविंद पटेल ने लगाया था जिला प्रबंधक पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप।
*वर्तमान में जिला प्रबंधक के रिश्तेदार के द्वारा शिकायतकर्ता के दोस्त को समझौते के लिए फ़ोन कॉल आया है कहा जिला प्रबंधक के साथ बैठ कर मीटिंग करते हैं आपसी समझौता कर लेते हैं!*
प्रशासन ने नहीं किया अभी तक कोई भी कार्यवाही!
आधार लोक सेवा केन्द्र संचालक अरविंद पटेल ने कलेक्टर को शिकायत कर ई-जिला प्रबंधक आफताब अहमद खान पर अवैध वसूली, धमकी और भुगतान में अनियमितता के आरोप लगाए थे । शिकायतकर्ता अरविंद पटेल के अनुसार, उनके द्वारा जाति निवास आय प्रमाण आवेदन में 15 रुपये प्रति आवेदन शुल्क ADM एआर कुरुवंशी द्वारा समस्त तहसीलदार बिलासपुर व लोक सेवा व CSC ऑपरेटर का मिटिंग लिया गया था ऑनलाइन सेवाओं का कार्य किया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। जब उन्होंने कई बार कार्यालय जाकर अपनी समस्या रखी, तो उन्हें डराया-धमकाया गया और “इंतजार करो” कहकर टाल दिया गया। व ई जिला प्रबंधक द्वारा अरविंद पटेल को ये कहा गया की आपको जरुरत से ज्यादा कार्य न करना चाहिए था
भ्रष्टाचार के आरोप:-
अवैध वसूली – ई-जिला प्रबंधक द्वारा आधार केंद्र संचालकों से अवैध धन उगाही की जा रही है। आधार सेवा केन्द्र संचालकों को सरकारी परिसर में कार्य करने के निर्देश होने के बावजूद, उनसे पैसे लेकर निजी स्थानों पर केंद्र खोलने की अनुमति दी जाती है।
अनियमित ट्रांसफर – लोक सेवा केंद्र संचालग अधिकांश बिलासपुर तहसील से संबंधित संचालकों का मनमर्जी ट्रांसफर किया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।
दुर्व्यवहार और धमकी – शिकायतकर्ता का कहना है कि जब भी भुगतान की बात की जती है, तो अधिकारी धमकाने लगते हैं।
अपनों को फायदा पहुंचाने का आरोप – आरोप है कि ई-जिला प्रबंधक ने अपने रिश्तेदारों और परिजनों को आधार केंद्र की आईडी दिलवाई और उन्हें लाभ पहुंचाया।
इनके द्वारा नौकरी में रहकार 30 से 40 हजार में आधार किट की मशीन दुकान लगाकर आधार
संचालको से बेचा जा रहा है जो कि पूर्णतया सत्य है
पीड़ित आधार लोक सेवा केंद्र संचालक ने अपने शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व सहकर्मियों eDTM जो इनके साथ काम कर चुके जब इसके भ्रष्टाचार की उजागर किया तो इन्हें नौकरी से भगा दिया गया।
फिर हाल समझौते के लिए फ़ोन कॉल आ चुका है शिकायतकर्ता कार्यवाही की
माँग में है !
*आख़िर कौन है जिला प्रबंधक के रिश्तेदार किसके पास आया है समझौते के लिए फ़ोन जरूरत पड़ने पर अगली खबर में पता चल जाएगी।*
अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक चुप रहते हैं प्रशासन के द्वारा कार्यवाही किया जाना था परंतु इस मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही नहीं किया गया हैं ।
