तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल पर आखिर कब होगी कार्यवाही……

रितेश शुक्ला के कलम से जीपीएम– जिले के सबसे नामी तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल जो कि पेंड्रारोड तहसील में पदस्थ रहते जमीन दलालों के साथ मिलीभगत करके अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जमकर सरकारी जमीनों का बंदरबांट किये है आपको बता दें इनके द्वारा अपनी मनमानी करते हुए कई शासकीय जमीनों को फर्जी तरीके से खरीदी बिक्री करवाने में दलालों को अप्रत्यक्ष रूप से साथ दिया गया है ग्राम पंचायत साधवानी में एक जमीन के मामले में शेषनारायण द्वारा अपने पद का गलत स्तेमाल करते हुए पटवारी प्रतिवेदन को दरकिनार करते हुए जिसमें स्पष्ट हो रहा था कि उक्त जमीन फर्जी तरीके से खातेदार के नाम पर आया है बावजूद इसके तहसीलदार महोदय ने उसको शासकीय करने की अनुशंसा करने के बजाय उस जमीन को बिकी होने दिया अब फर्जी जमीन मालिकों में उनकी इस कृपा के पीछे की असलियत तो समझ ही सकते है इसके अलावा भी कई मामले है जिसमें इन महोदय को कोई व्यक्तिगत लाभ होता है उन्हीं केश के फाइल को जल्दी आगे बढ़ाते है बाकी गरीब मजबूर किसान सालों साल अपने छोटे छोटे मामलों को लेकर तहसील के चक्कर काटते रहते है हाल ही में 1.40 लाख के रिश्वत लेने का आरोप लगाते युवक का वीडियो भी सामने आ चुका था इसके बाद भी ऐसे भ्रष्ट तहसीलदार को सिर्फ तहसील से हटा देना ही कार्यवाही का हिस्सा नि माना जा सकता ऐसे अधिकारी पर प्रशासन सख्त से सख्त कार्यवाही की नितांत आवश्यकता है ताकि प्रशासन का भय ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर बना रहे आगे इनके कई काले कारनामों के खुलासे दस्तावेजों के साथ जल्द ही किया जाएगा